देवरहा बाबा ने सौपी मंदिर निर्माण के लिए आशीर्वाद के साथ अखंड ज्योति


Source PBH | 17 Nov 2019

मंदिर की अखंड ज्योति देवरहा बाबा ने जलाई थी 
श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन  से शुरू हुआ आंदोलन मंदिर निर्माण अभियान तक पहुंचने के पीछे कई दिलचस्प तथ्य छिपे है।जो यह बताते है कि आंदोलन विश्व हिंदू परिषद जैसे हिंदू संगठनों तक ही सीमित नही था बल्कि कही न कही कांग्रेस का भी एक बड़ा वर्ग इसमे अपनी भूमिका निभा रहा था।तथ्यों पर पर नजर डाली जाय तो जिन तमाम किरदारों ने इस आंदोलन को इस मुकाम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई उनमे प्रसिद्ध संत देवरहा बाबा सबसे महत्वपूर्ण नाम है।अतीत के पन्नों में दर्ज तथ्यों पर नजर डाली जाय तो पता चलता है कि देवरहा बाबा के कहने पर ताला खुलने के बाद संतों और विहिप ने मंदिर निर्माण की दिशा में कदम आगे बढ़ाए और फिर देखते देखते श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति का आंदोलन ताला खुलने के बाद मंदिर निर्माण की दिशा मे आगे बढ़ गया।

देवरहा बाबा ने सौपी मंदिर निर्माण के लिए आशीर्वाद के साथ अखंड ज्योति 
तथ्यों से पता चलता है कि ताला खुलने के बाद विहिप और संतों के मस्तिष्क में संबंधित स्थल पर मंदिर बनवाने की संकल्पना तो थी लेकिन इससे देश के समस्त हिंदू समाज को जोड़ने की योजना नही थी।1989के जनवरी में प्रयागराज में कुंभ में संत और विहिप नेता जुटे तो यह आंदोलन मंदिर निर्माण की राह पर चल दिया।देवरहा बाबा के निर्देश और उनकी उपस्थिति में गाँव गाँव शिलापूजन कराकर उससे बनी नींव पर भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण का फैसला हो गया।इस अवसर पर देवरहा बाबा ने अयोध्या के सुग्रीव किला पीठाधीश्वर जगदगुरू रामानुजाचार्य पुरूषोत्तमाचार्य को एक अखंड ज्योति सौपी और उसे सुग्रीव किला पर स्थापित करने को कहा  ।विहिप के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा के मुताबिक,देवरहा बाबा ने कहा था कि अखंड ज्योति ले जाकर प्रज्वलित रखना मंदिर बन जाएगा।यह अखंड ज्योति आज भी लगातार प्रज्वलित है।
देवरहा बाबा ने ही भविष्यवाणी की थी कि श्रीराम जन्मभूमि ताले से मुक्त होगी।



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