नासा ने भी माना इसरो का लोहा, कहा- आपके प्रयास से हमें भी मिलेगी प्रेरणा


Source PBH | 08 Sep 2019

नासा ने भी माना इसरो का लोहा, कहा- आपके प्रयास से हमें भी मिलेगी प्रेरणा  

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) के चंद्रयान-2 मिशन की अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने सराहना की है. नासा ने लिखा है, 'अंतरिक्ष कठिन है. हम चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर ISRO के चंद्रयान-2 मिशन को उतारने के प्रयास की सराहना करते हैं. आपने हमें अपनी यात्रा से प्रेरित किया है.' नासा से पहले पाकिस्तान की पहली एस्ट्रोनॉट नमीरा सलीम भी इसरो के ऐतिहासिक प्रयास की सराहना कर चुकी हैं. उन्होंने कहा, 'चंद्रयान-2 मिशन दक्षिण एशिया के लिए अंतरिक्ष के क्षेत्र में लंबी छलांग है. यह सिर्फ दक्षिण एशिया के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी ग्लोबल स्पेस इंडस्ट्री के लिए गर्व का विषय है.' उन्होंने कहा, 'मैं चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम की चांद के साउथ पोल में सॉफ्ट लैंडिंग की ऐतिहासिक कोशिश के लिए इसरो और भारत को बधाई देती हूं.' Also Read - CBSE एग्जाम में दलित-मुस्लिमों पर आपत्तिजनक सवाल से मचा बवाल इस दौरान नमीरा सलीम ने कहा, 'दक्षिण एशिया में अंतरिक्ष के क्षेत्र में इतनी बड़ी उपलब्धि अद्भुत है. यहां यह मायने नहीं रखता है कि इसमें कौन सा देश नेतृत्व कर रहा है. अंतरिक्ष में सभी राजनीतिक सीमाएं खत्म हो जाती हैं. जो हमको धरती में बांटता है, उसको पीछे करके अंतरिक्ष हमको एकजुट करता है.' आपको बता दें कि नमीरा सलीम पाकिस्तान की पहली एस्ट्रोनॉट हैं, जो सर रिचर्ड ब्रैनसन वर्जिन गैलेक्टिक के साथ अंतरिक्ष जाएंगी. सर रिचर्ड ब्रैनसन वर्जिन गैलेक्टिक दुनिया की पहली कॉमर्शियल स्पेसलाइन है. आपको बता दें कि चांद की सतह से 2.1 किमी की ऊंचाई पर विक्रम अपने तय रास्ते से भटक गया और इसरो से इसका संपर्क टूट गया. हालांकि इसरो ने मिशन चंद्रयान-2 को काफी हद तक सफल बताया है. इसरो अध्यक्ष के. सिवन ने कहा, 'चंद्रयान-2 मिशन अपने लक्ष्य में 100 फीसदी सफलता के करीब रहा. यह मिशन नाकाम नहीं है. हम पहले से जारी अभियानों में व्यस्त हैं और चंद्रयान-2 के बाद गगनयान मिशन पर पूर्व निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक काम जारी रहेगा. गगनयान समेत इसरो के बाकी मिशन तय समय पर होंगे.' इस दौरान इसरो चीफ ने कहा, 'अगले 14 दिनों में विक्रम लैंडर से संपर्क स्थापित करने की कोशिश की जाएगी. विक्रम लैंडर का आखिरी चरण ठीक नहीं रहा, जिसकी वजह से विक्रम से हमारा संपर्क टूटा. एक बार विक्रम से हमारा लिंक टूटा तो फिर स्थापित नहीं हो सका.' इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि उम्मीद की किरण अभी बाकी है और अगले 14 दिनों तक हम विक्रम से संपर्क स्थापित करने की कोशिश करेंगे।


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